Last Updated:July 03, 2026, 19:28 IST
Chhattisgarh Ka Naglok: बरसात आते ही छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में जहरीले सांपों और अंधविश्वास का जानलेवा दौर शुरू हो जाता है. ‘नागलोक’ कहे जाने वाले इस क्षेत्र में लोग सर्पदंश के बाद अस्पताल जाने के बजाय झाड़-फूंक में समय बर्बाद कर रहे हैं. स्वास्थ्य विभाग की चेतावनी है कि समय पर अस्पताल पहुंचना ही जान बचा सकता है.
Chhattisgarh Ka Naglok: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले को ‘नागलोक’ के नाम से जाना जाता है. बारिश का मौसम आते ही यहां सर्पदंश के मामले तेजी से बढ़ जाते हैं. जशपुर का फरसाबहार और तपकरा क्षेत्र जहरीले सांपों का गढ़ है. यहां के घने जंगल, पलाश की झाड़ियां और ठंडा मौसम सांपों के लिए रहने की सबसे अच्छी जगह बनाते हैं.
जशपुर के सर्प विशेषज्ञ अजय शर्मा के अनुसार, यहां कोबरा, कॉमन करैत, बैंडेड करैत (अहिराज), बंबू पिट वाइपर और रसेल वाइपर जैसे बेहद जहरीले सांप पाए जाते हैं. बरसात में ये सांप अपने बिलों से निकलकर खेतों और घरों तक पहुंच जाते हैं.
अंधविश्वास और जान का जोखिम
जशपुर में सांपों से ज्यादा खतरनाक यहां फैला अंधविश्वास साबित हो रहा है. रामप्रसाद नाग ने अपनी एक रिश्तेदार को इसी वजह से खो दिया. रात में जमीन पर सोते समय उन्हें सांप ने काट लिया था. परिवार वाले उन्हें अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक कराने लगे. इलाज में हुई देरी के कारण अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई. अब रामप्रसाद लोगों से अपील कर रहे हैं कि सर्पदंश होने पर किसी झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़ें.
सही समय पर इलाज जरूरी
अंधविश्वास के उलट, सही समय पर अस्पताल पहुंचने से जानें बच भी रही हैं. रमेशवर नाग इसका उदाहरण हैं. खेत में काम करते समय उन्हें जहरीले सांप ने काट लिया था. उन्होंने समय बर्बाद नहीं किया और सीधे पत्थलगांव सिविल अस्पताल पहुंचे. समय पर एंटी स्नेक वेनम (ASV) मिलने से उनकी जान बच गई. उनका कहना है कि सांप काटने के बाद हर एक मिनट कीमती होता है.
क्या कहते हैं स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े?
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जीएस जात्रा ने चिंताजनक आंकड़े साझा किए हैं. उनके अनुसार, पिछले वर्ष जिले में सर्पदंश के 642 मामले सामने आए थे, जिनमें 12 लोगों की मौत हुई थी. इस वर्ष अप्रैल से अब तक 119 मामले दर्ज हो चुके हैं और 5 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं.
स्वास्थ्य विभाग की अपील
डॉ. जात्रा ने बताया कि जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी स्नेक वेनम पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है. विभाग ने सभी अस्पतालों को निर्देश दिए हैं कि सर्पदंश के मरीजों का तुरंत इलाज शुरू किया जाए. स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि सांप काटने पर घबराएं नहीं और न ही घरेलू उपचार या झाड़-फूंक में समय बर्बाद करें. पीड़ित को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाना ही उसकी जान बचाने का एकमात्र रास्ता है.
About the Author
एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें
News18 न्यूजलेटर
अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज
खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में
Location :
Jashpur,Chhattisgarh

